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बॉलीवुड सिंगर कुमार सानू का मानना है कि ‘इंडियन आइडल’ जैसे सिंगिंग रियलिटी शो प्रतिभाओं को खोजने का एक मंच प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि योग्य प्रतियोगियों को ऑफर देना संगीतकारों की जिम्मेदारी है।

म्यूजिक इंडस्ट्री में हो रहा है बदलाव

हिंदुस्तान टाइम्स की खास बातचीत में सिंगर सानू ने कई सारी बातें की और बताया कि कैसे म्यूजिक इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों में बदल गया है- प्रोडक्शन, म्यूजिक की क्वालिटी और सिंगर्स के संग व्यवहार ये सब माइने रखते हैं। 

‘इंडियन आइडल’ में शामिल हुए थे कुमार सानू

बता दें कि ‘इंडियन आइडल’ इन दिनों खूब चर्चा में बना हुआ है। आए दिन इस शो लेकर कुछ न कुछ मामला सामने आ ही जाता है। हालांकि कुमार सानू का इस शो लेकर कुछ अलग ही सोचते हैं। बीते दिनों कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल शो में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए थे। शो में दोनों ने खूब आनंद लिया और प्रतिभागियों की गायिकी से वो मंत्रमुग्ध हो गए थे। 

जितना गपशप होगा, उतना टीआरपी बढ़ेगा

सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल से जु़ड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कुमार सानू कहते हैं कि जितना गपशप होगा, उतना टीआरपी बढ़ेगा, कृपया इस बात को समझे। ये कोई बड़ी बात नहीं है। वह आगे कहते हैं कि टैलेंट एक रास्ता खोजती है और ये शो  ही टैलेंट को सामने लाते हैं, लेकिन आगे क्या? इंडियन आइडल ही नहीं, हर शो ऐसी प्रतिभा को सार्वजनिक मंच पर लाता है। हो सकता है कि उन्हें इंडस्ट्री में मौका न मिले, उन्हें कुछ काम और पैसा मिलने का मौका मिल सकता है।

नये कलाकारों की जिम्मेंदीरी ले डायरेक्टर्स – म्यूजिशियन

कुमार सानू का मानना है कि चाहे डायरेक्टर्स हो या म्यूजिशियन उन्हें नये कलाकारों को मौका देना चाहिए। क्योंकि ये उनकी जिम्मेदारी होती है। वह आगे कहते हैं कि कई गायक हैं जोप्रतिभाशाली हैं लेकिन किसी को उन्हें काम देने की जरूरत है। ये शो टैलेंट को लाइमलाइट में लाने का काम करते हैं और इंडस्ट्री के लोगों को उन्हें काम ऑफर करने की जरूरत होती है। 



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